Electrolysis ITI Electrician का core topic है, जो परीक्षा, प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री—तीनों के लिए जरूरी है। Battery में Electrolysis चार्जिंग के समय होता है, जब बाहरी विद्युत ऊर्जा देकर रासायनिक अभिक्रियाओं को उलटा किया जाता है। इलेक्ट्रोलाइट में आयन इलेक्ट्रोडों के बीच गति करते हैं और ऊर्जा रासायनिक रूप में संग्रहित होती है। बाद में डिस्चार्ज के समय यही ऊर्जा विद्युत ऊर्जा के रूप में प्राप्त होती है।
विद्युत धारा के प्रमुख प्रभावों में से एक रासायनिक प्रभाव (Chemical Effect) है। इस प्रभाव का उपयोग निम्न कार्यों में किया जाता है—
विद्युत लेपन (Electroplating)
धातु शोधन (Refining)
धातु निष्कर्षण (Extraction)
इसके विपरीत, रासायनिक क्रियाओं द्वारा विद्युत वाहक बल (EMF) भी उत्पन्न किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के सैल (Cell) एवं बैटरियाँ (Battery) बनाई जाती हैं।
सैल/बैटरी में:
रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है
सैलों को श्रेणी (Series), समान्तर (Parallel) या मिश्रित (Combination) में जोड़कर बैटरी बनाई जाती है
उपयोग (Applications)
टॉर्च
वाहन (Battery/Automobile)
मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव
जब किसी अम्लीय या अकार्बनिक विलयन (Electrolyte) में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसमें घुले पदार्थ आयनों (Ions) में विभाजित हो जाते हैं।
👉 इस क्रिया को विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
उपयोग (Applications)
इलेक्ट्रोप्लेटिंग
धातु निष्कर्षण
सैल/बैटरी निर्माण
वैद्युतिक अपघटन (Electrolysis)
जब किसी इलेक्ट्रोलाइट में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह आयनों में विभाजित हो जाता है। 👉 इस प्रक्रिया को वैद्युतिक अपघटन (Electrolysis) कहते हैं।
उदाहरण:
(1) गन्धक का अम्ल (H₂SO₄): H₂SO₄ → 2H⁺ + SO₄²⁻
H₂SO₄ में:
कैथोड पर → H₂ गैस बनती है
एनोड पर → O₂ गैस एवं H₂SO₄ पुनः बनता है
वैद्युतिक अपघटन सम्बन्धी मुख्य पद
1. इलेक्ट्रोलाइट (Electrolyte)
ऐसा विलयन जिसमें विद्युत धारा प्रवाहित करने पर रासायनिक विघटन (Electrolysis) हो जाता है, उसे इलेक्ट्रोलाइट कहते हैं।
विशेषताएँ:
प्रायः अम्ल, क्षार या लवण होते हैं
पानी में घुलकर आयनों (Ions) में विभाजित हो जाते हैं
विद्युत धारा के अच्छे चालक बन जाते हैं
2. इलेक्ट्रोड (Electrode)
इलेक्ट्रोलाइट में विद्युत धारा प्रवाहित करने के लिए प्रयुक्त धातु की छड़ या प्लेट को इलेक्ट्रोड कहते हैं।
प्रकार:
एनोड (Anode) → धनात्मक (+), यहाँ से धारा बाहर निकलती है
कैथोड (Cathode) → ऋणात्मक (–), यहाँ से धारा प्रवेश करती है
3. आयनीकरण (Ionisation)
जब इलेक्ट्रोलाइट को जल में घोला जाता है, तो वह धन एवं ऋण आयनों में विभाजित हो जाता है। इस प्रक्रिया को आयनीकरण कहते हैं।
आयनों के प्रकार:
धनायन (Cation) → कैथोड की ओर जाते हैं (जैसे H⁺)
ऋणायन (Anion) → एनोड की ओर जाते हैं (जैसे SO₄²⁻)
4. वोल्टामीटर (Voltameter)
वह पात्र जिसमें वैद्युतिक अपघटन (Electrolysis) की क्रिया कराई जाती है, वोल्टामीटर कहलाता है।
विशेषताएँ:
काँच या चीनी मिट्टी का बना होता है
इसमें इलेक्ट्रोलाइट भरा होता है
प्रयोगशाला में उपयोग किया जाता है
5. संयोजकता (Valency)
किसी तत्व की रासायनिक संयोग करने की क्षमता को उसकी संयोजकता (Valency) कहते हैं।
अर्थात किसी तत्व का एक परमाणु कितने हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ सकता है, वही उसकी संयोजकता होती है।
6. परमाणु भार (Atomic Weight)
किसी तत्व का परमाणु भार उस तत्व के एक परमाणु के द्रव्यमान और हाइड्रोजन के एक परमाणु के द्रव्यमान के अनुपात को दर्शाता है।
यह तत्व के द्रव्यमान का सापेक्ष मान होता है।
7. विद्युत-रासायनिक तुल्यांक
किसी तत्व का वह द्रव्यमान, जो 1 कूलॉम (1 Ampere-second) आवेश प्रवाहित करने पर इलेक्ट्रोलाइट से मुक्त या जमा होता है, उसे उस तत्व का विद्युत-रासायनिक तुल्यांक (Z) कहते हैं।
👉 इकाई: ग्राम/कूलॉम (g/C)
👉 प्रतीक: Z
8. रासायनिक तुल्यांक (Chemical Equivalent)
किसी तत्व का परमाणु भार और संयोजकता के अनुपात को उसका रासायनिक तुल्यांक कहते हैं।
रासायनिक तुल्यांक =
परमाणु भार
संयोजकता
अर्थात किसी तत्व का वह द्रव्यमान जो 1 भाग हाइड्रोजन (≈1.008) के साथ संयोग करता है।
उदाहरण:
ऑक्सीजन (O)
परमाणु भार = 16
संयोजकता = 2
👉 रासायनिक तुल्यांक = 16 / 2 = 8
फैराडे के वैद्युतिक अपघटन के नियम
वैज्ञानिक Michael Faraday ने वैद्युतिक अपघटन के दो महत्वपूर्ण नियम (Faraday law of electrolysis) दिए—
प्रथम नियम (First Law)
किसी इलेक्ट्रोड पर मुक्त हुए पदार्थ का द्रव्यमान (m), प्रवाहित विद्युत की मात्रा (It) के अनुपाती होता है।
सूत्र:
m = ZIt
जहाँ:
m = द्रव्यमान (ग्राम)
I = धारा (Ampere)
t = समय (Second)
Z = विद्युत-रासायनिक तुल्यांक (g/C)
👉 यदि I = 1 A और t = 1 s, तो m = Z
द्वितीय नियम (Second Law)
यदि विभिन्न इलेक्ट्रोलाइट्स में समान समय तक समान धारा प्रवाहित की जाए, तो इलेक्ट्रोड पर जमा पदार्थों के द्रव्यमान उनके रासायनिक तुल्यांकों के अनुपाती होते हैं।
सूत्र:
m₁
w₁
=
m₂
w₂
=
m₃
w₃
जहाँ:
m₁, m₂, m₃ = द्रव्यमान
w₁, w₂, w₃ = रासायनिक तुल्यांक
वैद्युतिक अपघटन के अनुप्रयोग
वैद्युतिक अपघटन एक महत्वपूर्ण एवं बहुउपयोगी प्रक्रिया है। इसके प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं—
1. विद्युत-लेपन (Electroplating)
किसी धातु की सतह पर दूसरी धातु की पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया को विद्युत-लेपन कहते हैं।
सिद्धान्त:
लवण के घोल में DC धारा प्रवाहित करने पर धातु आयन अलग हो जाते हैं
ये आयन दूसरी धातु पर पतली परत के रूप में जमा हो जाते हैं
उदाहरण:
पीतल की वस्तु पर चाँदी चढ़ाना
इलेक्ट्रोलाइट: AgNO₃ (सिल्वर नाइट्रेट)
एनोड: चाँदी प्लेट
कैथोड: पीतल वस्तु
प्रक्रिया:
वस्तु को साफ करना (रेत + कास्टिक सोडा)
पानी से धोना
इलेक्ट्रोलाइट में डालना
DC सप्लाई देना
अंत में बफिंग से चमकाना
अच्छी परत के लिए धारा कम रखें
2. विद्युत मुद्रण (Electrotyping)
किसी पाठ (text) की धातु प्रतिलिपि तैयार करने की प्रक्रिया।
प्रक्रिया:
मोम/POP से नेगेटिव बनाते हैं
ग्रेफाइट से चालक बनाते हैं
CuSO₄ घोल में धारा प्रवाहित करते हैं
👉 कैथोड पर ताँबे की प्लेट बनती है (printing plate)
3. धातु शोधन (Purification of Metal)
अशुद्ध धातु को शुद्ध करने की प्रक्रिया।
प्रक्रिया:
एनोड → अशुद्ध धातु
कैथोड → शुद्ध धातु
👉 शुद्ध धातु कैथोड पर जमा होती है 👉 अशुद्धियाँ नीचे (anode mud) रह जाती हैं
4. धातु निष्कर्षण (Extraction of Metal)
अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करना।
प्रक्रिया:
अयस्क को इलेक्ट्रोलाइट में लिया जाता है
DC धारा प्रवाहित की जाती है
👉 धातु कैथोड पर जमा होती है
5. कैपेसिटर निर्माण (Electrolytic Capacitor)
इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा डाइ-इलेक्ट्रिक परत बनाकर उच्च क्षमता वाले कैपेसिटर बनाए जाते हैं।
ITI Electrician NCVT Online Exam में Electrolysis का महत्व
Electrolysis (वैद्युतिक अपघटन) NCVT ITI Electrician परीक्षा का high-weightage topic है। इससे जुड़े प्रश्न लगभग हर CBT (Computer Based Test) में पूछे जाते हैं।
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