DC generator Parts

ITI Electrician notes dc generator parts for ncvt online exam

DC Generator, ITI Electrician ट्रेड का महत्वपूर्ण विषय है और यह ITI Electrician Notes का अहम हिस्सा है। इसके मुख्य भाग जैसे योक, फील्ड पोल, आर्मेचर, कम्यूटेटर, ब्रश और फील्ड क्वॉयल परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। इन भागों का कार्य समझना NCVT Online परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए आवश्यक है।

डी.सी. जनित्र कई महत्वपूर्ण भागों से मिलकर बना होता है। प्रत्येक भाग का अलग कार्य होता है:

DC Generator Parts (डी.सी. जनित्र के भाग)

1. योक (Yoke)

जनित्र के बाहरी भाग को योक (Yoke) या बॉडी कहते हैं। यह मशीन का मुख्य ढांचा (frame) होता है। छोटे जनित्रों की बॉडी सामान्यतः कास्ट आयरन से तथा बड़े जनित्रों की बॉडी कास्ट स्टील से बनाई जाती है।

yoke

योक के अंदर साइड कवर फिट किए जाते हैं, जिनमें बियरिंग के लिए स्थान बना होता है। इन्हीं बियरिंग पर आर्मेचर की शाफ्ट घूमती है।

बॉडी के ऊपर एक टर्मिनल बॉक्स लगा होता है, जिसमें मशीन के विद्युत कनेक्शन किए जाते हैं। बॉडी के दोनों ओर साइड प्लेट्स लगी होती हैं जो मशीन को पूरी तरह सुरक्षित ढकती हैं।

योक का मुख्य कार्य

  • मशीन को यांत्रिक मजबूती देना
  • फील्ड पोल्स को सहारा देना
  • चुम्बकीय परिपथ का भाग बनना

2. फील्ड पोल (Field Poles)

छोटे डायनमो में चुम्बकीय क्षेत्र बनाने के लिए स्थायी चुम्बक उपयोग किए जा सकते हैं, लेकिन बड़े जनित्रों में फील्ड पोल्स लगाए जाते हैं। फील्ड पोल्स को योक के अंदर बोल्ट की सहायता से मजबूती से कस दिया जाता है।

फील्ड पोल सामान्यतः सिलिकॉन स्टील की लेमिनेटेड शीट्स से बनाए जाते हैं ताकि एडी करंट लॉस कम हो।

फील्ड पोल के प्रकार

(1) शू सहित लेमिनेटेड पोल (Laminated Pole with Shoe)

इस प्रकार के पोल में पोल और पोल-शू दोनों लेमिनेटेड स्टील से बने होते हैं। इन पर फील्ड वाइंडिंग लपेटी जाती है और बोल्ट द्वारा योक पर कस दिया जाता है। बड़े जनित्रों में यही पोल अधिक उपयोग किए जाते हैं।

लाभ:

  • फील्ड कॉइल पोल से बाहर नहीं खिसकती
  • पोल-शू के कारण चुम्बकीय क्षेत्र अधिक फैला हुआ और समान होता है

(2) मोल्डेड पोल (Moulded Pole)

इस प्रकार के पोल योक के साथ ही ढाले जाते हैं। ये प्रायः कास्ट आयरन से बने होते हैं। इनके ऊपर फील्ड वाइंडिंग लगाकर अलग से लेमिनेटेड पोल-शू लगाया जाता है। छोटे जनित्रों में इनका उपयोग होता है।

फील्ड पोल्स की संख्या

  • न्यूनतम: 2
  • अधिकतम: 8

मुख्य कार्य

जनित्र में चुम्बकीय क्षेत्र स्थापित करना

3. आर्मेचर (Armature)

मोटर/जनित्र का घूर्णन करने वाला भाग आर्मेचर कहलाता है। इसका आकार बेलनाकार ड्रम जैसा होता है। इसे सिलिकॉन स्टील की पतली पत्तियों (laminations) को रिवेट/प्रेस करके बनाया जाता है। आर्मेचर ड्रम में वाइंडिंग रखने के लिए स्लॉट कटे होते हैं।

ITI Electrician note Armature for ncvt online exam

स्लॉट के प्रकार

  • खुले स्लॉट (Open slot) – चौड़ाई समान रहती है, वाइंडिंग डालना आसान
  • अर्द्ध-बन्द स्लॉट (Semi-closed slot) – शीर्ष पर चौड़ाई कम
  • बन्द स्लॉट (Closed slot) – छिद्र जैसे; वाइंडिंग छेद के अंदर की जाती है

आर्मेचर कोर को लेमिनेटेड बनाया जाता है ताकि हिस्टरैसिस हानि और एडी करंट हानि कम हो। प्रत्येक लेमिनेशन की मोटाई लगभग 0.35–0.6 mm होती है।

आर्मेचर का कार्य

चुम्बकीय फ्लक्स को काटकर वाइंडिंग में वि.वा.ब. (EMF) उत्पन्न करना। आर्मेचर शाफ्ट पर कसकर बियरिंग की सहायता से बॉडी में स्थापित किया जाता है।

4. लेमिनेटेड कोर (Laminated Core)

लेमिनेटेड कोर को आर्मेचर कोर भी कहते हैं। इसमें शीतलन (cooling) के लिए वायु छिद्र बने होते हैं। बीच में शाफ्ट लगाने के लिए एक केंद्रीय गोल छेद होता है।

ITI Electrician note Core for ncvt online exam

प्रत्येक लेमिनेशन एक-दूसरे से इन्सुलेटेड होती है, जिससे एडी करंट और भंवर धारा हानि कम होती है। हानियाँ लेमिनेशन की मोटाई पर निर्भर करती हैं, इसलिए इन्हें पतला बनाया जाता है।

मुख्य उद्देश्य

  • ऊर्जा हानि कम करना
  • ताप कम रखना
  • मशीन की दक्षता बढ़ाना

5. कम्यूटेटर (Commutator)

कम्यूटेटर वृत्ताकार संरचना होती है। इसे हार्ड ड्रॉन ताँबे की मोटी पत्तियों को बैकेलाइट आधार पर कसकर बनाया जाता है। पत्तियों के बीच के रिक्त स्थान में अभ्रक (mica) भरा जाता है।

ITI Electrician notes Commutator for ncvt online exam

कम्यूटेटर को आर्मेचर शाफ्ट पर लगाया जाता है। आर्मेचर वाइंडिंग के सिरे इसकी पत्तियों पर सोल्डर किए जाते हैं।

मुख्य कार्य

आर्मेचर में उत्पन्न ए.सी. वि.वा.ब. को यांत्रिक रूप से डी.सी. में बदलकर बाह्य परिपथ को देना।

ताँबे की पत्तियाँ ‘V’ आकार में लगाई जाती हैं ताकि घूमते समय अपकेंद्री बल से वे बाहर न निकलें। पत्तियों की संख्या आर्मेचर कॉइल्स के बराबर होती है। पीछे का उभरा भाग, जहाँ वाइंडिंग जुड़ती है, राइज़र (Riser/Lug) कहलाता है।

6. फील्ड क्वॉयल (Field Coil)

डी.सी. जनित्र के स्टेटर भाग में लगे पोल्स पर सुपर-इनेमल ताँबे के तार से बनी फील्ड क्वॉयल लगाई जाती है। इसे उचित आकार के फॉर्मर पर लपेटकर पोल पर फिट किया जाता है। फील्ड क्वॉयल को स्थिर रखने का कार्य लेमिनेटेड पोल-शू करता है।

ITI Electrician note Field coil for ncvt online exam

तार की मोटाई जनित्र के प्रकार पर निर्भर करती है:

  • सीरीज जनित्र → मोटा तार, कम टर्न
  • शंट जनित्र → पतला तार, अधिक टर्न

क्वॉयल पर एम्पायर टेप/कॉटन टेप की इन्सुलेशन टेपिंग की जाती है।

मुख्य कार्य

मजबूत और समान चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करना।

7. ब्रश तथा ब्रश-होल्डर (Brush & Brush Holder)

ब्रश वह युक्ति है जो कम्यूटेटर से उत्पन्न वि.वा.ब. को बाह्य परिपथ तक पहुँचाती है। ब्रश ब्रश-होल्डर में लगा होता है।

ITI Electrician note Brush Holder for ncvt online exam
  • छोटे जनित्र → कार्बन ब्रश
  • बड़े जनित्र → कार्बन + ताँबा मिश्रित ब्रश

ब्रश आयताकार होता है और स्प्रिंग के दबाव से कम्यूटेटर पर फिसलता हुआ संपर्क बनाए रखता है। सामान्य दबाव लगभग 0.15–0.25 kg/cm² रखा जाता है।

कार्बन ब्रश के लाभ

  • ऑक्सीकरण नहीं होता
  • उच्च तापमान सहन करता है
  • आसानी से आकार दिया जा सकता है
  • स्वयं घिसता है, कम्यूटेटर को बचाता है

कार्बन का प्रतिरोध अधिक होता है, पर ताप बढ़ने पर घट जाता है। इसकी धारा वहन क्षमता लगभग 4–6 A/cm² होती है।

8. ब्रश-लीड (Brush Lead / Pigtail)

ITI Electrician note brush lead for ncvt online exam

ब्रश से जुड़ा लचीला, बहु-तार (braided) ताँबे का तार ब्रश-लीड या पिग-टेल कहलाता है। यह ब्रश और बाहरी परिपथ के बीच विद्युत संपर्क स्थापित करता है। इसका लचीला होना आवश्यक है ताकि ब्रश के ऊपर-नीचे होने या कंपन के दौरान तार न टूटे।

मुख्य कार्य

  • कम प्रतिरोध के साथ धारा वहन करना
  • कंपन के बावजूद सुरक्षित संपर्क बनाए रखना
  • ब्रश पर यांत्रिक तनाव कम करना

9. रॉकर प्लेट (Rocker Plate)

रॉकर प्लेट एक छल्लेनुमा धातु प्लेट होती है जो फ्रंट एंड कवर पर लगाई जाती है। इसमें लम्बे स्लॉट बने होते हैं जिनसे ब्रश-होल्डर की स्थिति बदली जा सकती है।

ITI Electrician rocker plate ncvt online exam

मुख्य कार्य

  • ब्रश की न्यूट्रल पोज़िशन सेट करना
  • स्पार्किंग कम करना
  • मशीन की दक्षता बढ़ाना

10. एण्ड कवर (End Cover)

जनित्र के दोनों सिरों पर कास्ट आयरन के ढक्कन लगे होते हैं, जिनमें बियरिंग फिट होती है। इन्हें एंड प्लेट भी कहते हैं।

ITI Electrician note End Cover for ncvt online exam
  • कम्यूटेटर वाला सिरा → फ्रंट एंड कवर
  • दूसरा सिरा → रियर एंड कवर

इनमें ठंडक के लिए वेंटिलेशन छिद्र बने होते हैं।

मुख्य कार्य

  • शाफ्ट को सपोर्ट देना
  • धूल से सुरक्षा
  • वेंटिलेशन द्वारा ठंडक

11. बियरिंग (Bearing)

बियरिंग आर्मेचर शाफ्ट को उच्च गति से घूमने की स्वतंत्रता देती है।

ITI Electrician note bearing for ncvt online exam
  • छोटे जनित्र → बुश बियरिंग
  • बड़े जनित्र → बॉल/रोलर बियरिंग

स्नेहन के लिए सिंथेटिक ऑयल/ग्रीस प्रयोग किया जाता है।

मुख्य कार्य

  • घर्षण कम करना
  • कंपन घटाना
  • मशीन की आयु बढ़ाना

12. शाफ्ट तथा पुली (Shaft & Pulley)

शाफ्ट आर्मेचर और कम्यूटेटर का आधार है। यह नर्म स्टील की बनी होती है। एक सिरे पर पुली लगाई जाती है जिससे मशीन को टरबाइन/मोटर से जोड़ा जाता है।

ITI Electrician note pully for ncvt online exam

मुख्य कार्य

  • शक्ति का संचरण
  • घूर्णन स्थिर रखना

13. कूलिंग फैन (Cooling Fan)

आर्मेचर के सिरे पर लगा पंखा घूमते समय ठंडी हवा प्रवाहित करता है और मशीन को अधिक गर्म होने से बचाता है।

ITI Electrician notes cooling fan for ncvt online exam

मुख्य कार्य

  • तापमान नियंत्रण
  • इन्सुलेशन की सुरक्षा
  • दक्षता बनाए रखना

14. बैड प्लेट (Bed Plate)

ITI Electrician note brush lead for ncvt online exam

यह मशीन का आधार है। कास्ट आयरन से बनी बैड प्लेट को फाउंडेशन पर बोल्ट से कस दिया जाता है।

मुख्य कार्य

  • मशीन को स्थिर रखना
  • कंपन कम करना

15. आई-बोल्ट (Eye Bolt)

ITI Electrician note eye bolt ncvt online exam

मशीन उठाने के लिए बॉडी पर लगाया गया हुकनुमा छल्ला आई-बोल्ट कहलाता है।

मुख्य कार्य

  • सुरक्षित उठान
  • स्थापना में सुविधा

16. टर्मिनल बॉक्स (Terminal Box)

ITI Electrician note Terminal Box for ncvt online exam

टर्मिनल बॉक्स में आर्मेचर और फील्ड वाइंडिंग के कनेक्शन टर्मिनल सुरक्षित रखे जाते हैं। यही आउटपुट को बाहरी लोड से जोड़ता है।

मुख्य कार्य

  • सुरक्षित कनेक्शन
  • शॉर्ट सर्किट से सुरक्षा
  • रखरखाव में सुविधा

17. स्लिप रिंग (Slip Ring)

स्लिप-रिंग ताँबे/पीतल के छल्ले होते हैं जो शाफ्ट पर इन्सुलेशन के साथ लगाए जाते हैं। प्रत्येक स्लिप रिंग एक ब्रश से संपर्क में रहती है।

ITI Electrician notes slip ring for ncvt online exam

मुख्य कार्य

  • निरंतर विद्युत संपर्क
  • AC मशीनों में अधिक उपयोग
  • घूर्णन के दौरान धारा स्थानांतरण

DC Generator Parts का NCVT Online परीक्षा में महत्व

NCVT Online परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए DC Generator के Parts और उनके कार्य को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है। यह टॉपिक आसान होने के साथ-साथ स्कोरिंग भी है।

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FAQs

DC Generator के मुख्य भाग कौन-कौन से होते हैं?

DC Generator के मुख्य भाग हैं:

  • योक (Yoke)
  • फील्ड पोल (Field Pole)
  • फील्ड वाइंडिंग (Field Winding)
  • आर्मेचर (Armature)
  • कम्यूटेटर (Commutator)
  • ब्रश (Brush)
  • शाफ्ट (Shaft)

DC Generator में योक बाहरी ढांचा होता है, जो मशीन को मजबूती देता है और मैग्नेटिक फ्लक्स के लिए मार्ग प्रदान करता है।

DC Generator में फील्ड पोल चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं, जिससे आर्मेचर में EMF उत्पन्न होता है।

DC Generator में फील्ड वाइंडिंग में DC सप्लाई देकर चुंबकीय क्षेत्र बनाया जाता है।

आर्मेचर घूर्णन (Rotating) भाग होता है, जिसमें EMF (विद्युत वाहक बल) उत्पन्न होता है।

कम्यूटेटर AC को DC में परिवर्तित करता है और आर्मेचर में उत्पन्न धारा को एक दिशा में प्रवाहित करता है।

आर्मेचर कोर को लैमिनेटेड बनाने से एड्डी करंट लॉस कम होता है।

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