Synchronization of Alternator

Synchronization of Alternator

दो या दो से अधिक आल्टरनेटर्स (Alternator) को समान्तर क्रम में पूर्ण समन्वय (all coordination) के साथ संयोजित करना, उनका तुल्यकालीकरण (Synchronization) कहलाता है।

Synchronization प्रक्रिया में पहले से चल रहे आल्टरनेटर (Alternator) को रनिंग मशीन (running machine) तथा बाद में संयोजित किए जाने वाले आल्टरनेटर को इनकमिंग मशीन (incoming machine) कहते हैं।

तुल्यकालीकरण (Synchronization) के लिए आवश्यक शर्तें

  1. इनकमिंग मशीन का टर्मिनल वोल्टेज, रनिंग मशीन के टर्मिनल बोल्टेज के बराबर होना चाहिए।
  2.  दोनों आल्टरनेटर्स की फ्रीक्वेन्सी समान होनी चाहिए।

  3. इनकमिंग मशीन का फेज-क्रम (phase sequence) रनिंग मशीन के फेज-क्रम के समान होना चाहिए।

  4.  दोनों आल्टरनेटर्स का फेज कोण समान होना चाहिए।

तुल्यकालीकरण (Synchronization ) के लाभ

अल्टरनेटर्स (Alternators) को तुल्यकालीकरण अर्थात् समान्तर में प्रचलित करने के मुख्य लाभ निम्नवत् है-

  1.  खराब आल्टरनेटर्स (Alternators) को मरम्मत अथवा ओवरहॉलिंग के लिए बन्द किया जा सकता है।

  2.  एक आल्टरनेटर (Alternator) के खराब बन्द हो जाने पर दूसरा आल्टरनेटर विद्युत सप्लाई बनाए रखेगा अर्थात् ‘ब्रेक डाउन’ (break down) नहीं होगा।

  3.  आल्टरनेटर्स को पूर्ण लोड पर चलाया जा सकता है, जिससे पूरी प्रणाली की दक्षता में वृद्धि होती है।

  4. लोड में वृद्धि हो जाने पर, अतिरिक्त आल्टरनेटर को समान्तर-क्रम में संयोजित करके विद्युत वितरण प्रणाली की वोल्टता बनाए रखी जा सकती है अर्थात् अतिरिक्त लोड को सहन किया जा सकता है।

तुल्यकालिकता की विधियाँ

दो अथवा दो से अधिक आल्टरनेटर्स (Alternators) को तुल्यकालिक (Synchronization) करने की विधियों निम्न प्रकार है-

  1.  डार्क लैम्प विधि Dark Lamp Method

  2.  ब्राइट लैम्प विधि Bright Lamp Method

  3. सिंक्रोस्कोप विधि Synchroscope Method

1. डार्क लैम्प विधि Dark Lamp Method

Synchronization की इस विधि में नए आल्टरनेटर अर्थात् इनकमिंग मशीन के साथ लैम्प लगाए जाते हैं एवं सभी लैम्प के बुझ जाने पर समझा जाता है कि तुल्यकालिकता की शर्ते पूर्ण हो गई हैं। इनकमिग मशीन के प्रत्येक फेज क्रमशः RY, B’ तथा बस-बार के प्रत्येक फेज क्रमशः BY, B के बीच, टी.पी. स्विच के एक्रॉस, श्रेणी क्रम में संयोजित एक लैम्प युगल  संयोजित किया जाता है। रनिंग मशीन (आल्टरनेटर) के तीनों सिरे बस-बार से मेन स्विच के द्वारा संयोजित किए जाते हैं।

अब इनकमिग मशीन का ICTP स्विच ‘ऑन’ करने से पूर्व सभी लैम्प युगलों के जलने-बुझने की जाँच की जाती है, जो निम्न प्रकार है-

  1. लैम्प युगल जलते-बुझते रहते हैं – दोनों आल्टरनेटर्स की फ्रीक्वेन्सी में अन्तर है। इनकमिंग मशीन के प्राइम मूवर की घूर्णन गति को समायोजित करके दोनों मशीनों की फ्रीक्वेन्सी समान करें। फ्रीक्वेन्सी समान होने पर लैम्प युगल बुझ जाते हैं।

  2. लैम्प युगल एक साथ नहीं जलते-बुझते हैं – दोनों आल्टरनेटर्स का फेज-क्रम भिन्न है। इनकमिंग मशीन के तीनों में से किन्हीं दो फेज के संयोजन आपस में परिवर्तित करके फेज-क्रम ठीक करें।

  3. लैम्प युगल धीमे जलते हैं –  दोनों आल्टरनेटर्स की वोल्टता में अन्तर है। इनकमिंग मशीन के फील्ड रेगुलेटर से वोल्टता को समायोजित करें, जिससे कि तीनों लैम्प युगल बुझ जाएँ।

तीनों लैम्प युगल पूर्णतः बुझ जाते हैं दोनों आल्टरनेटर्स तुल्यकालिक हो गए हैं। इनकमिंग मशीन के ICTP स्विच को ‘ऑन’ करें।

2. ब्राइट लैम्प विधि Bright Lamp Method

Synchronization की इस विधि में इनकमिंग मशीन के प्रत्येक फेज क्रमशः R.Y. B’ तथा बस-बार के संलग्न फेज क्रमशः B. R.Y के बीच, ICTP मेन स्विच के एक्रॉस, श्रेणी क्रम में संयोजित एक लैम्प युगल  संयोजित किया जाता है। 

अब इनकमिंग मशीन का ICTP स्विच ‘ऑन’ करने से पूर्व लैम्पों के जलने-बुझने की जांच करें, जोकि निम्न प्रकार है-

  1. लैम्प युगल जलते-बुझते रहते हैं – दोनों आल्टरनेटर्स की फ्रीक्वेन्सी में अन्तर है। इनकमिंग मशीन के प्राइम मूवर की घूर्णन गति को

    समायोजित करके दोनों मशीनों को फ्रीक्वेन्सी समान करें। फ्रीक्वेन्सी समान होने पर लैम्प युगल एकसमान प्रकाशित होते हैं।

  2. तीनों लैम्प युगल प्रकाशित नहीं होते हैं –  दोनों आल्टरनेटर्स का फेज-क्रम भिन्न है। इनकमिंग मशीन के तीनों फेज में से किन्हीं दो फेज के संयोजन आपस में परिवर्तित करके फेज-क्रम ठीक करे।
  3. लैम्प युगल धीमे जलते हैं –  दोनों आल्टरनेटर्स की वोल्टता में अन्तर है। इनकमिंग मशीन के फील्ड रेगुलेटर के द्वारा वोल्टता को समायोजित करें, जिससे कि तीनों लैम्प युगल समान तथा पूर्ण प्रकाश के साथ प्रकाशित हो जाएँ। तीनों लैम्प युगल पूर्ण प्रकाश के साथ प्रकाशित हो जाते हैं।

तीनों लैम्प युगल पूर्ण प्रकाश के साथ प्रकाशित हो जाते हैं दोनों आल्टरनेटर्स तुल्यकालिक हो गए हैं। इनकमिंग मशीन के ICTP स्विच को ‘ऑन’ करें।

3. सिंक्रोस्कोप विधि Synchroscope Method

इस विधि में तुल्यकालिकता (Synchronization) के लिए सिक्रोस्कोप (Synchroscope) नामक यन्त्र प्रयोग किया जाता है। इसमें एक दो फेज वाली मोटर होती है, जिसके स्टेटर तथा रोटर, दोनों पर दो फेज वाइण्डिग स्थापित की जाती हैं। रोटर के साथ एक संकेतक भी जुड़ा होता है।

Synchroscope

स्केल के एक ओर निम्न (slow) और दूसरी ओर उच्च (fast) पाठ्यांक अंकित होता है। स्टेटर वाइण्डिग को मुख्य ‘बस-बार’ के दो फेज (माना . ४) से संयोजित किया जाता है और रोटर को भी इनकमिग मशीन के उन्हीं फेज (IR. Y) से संयोजित किया जाता है। इस कार्य के लिए एक दो फेज की अतिरिक्त ‘बस बार’ स्थापित की जाती है।

उच्च वोल्टेज वाली मशीनों के साथ सिंक्रोस्कोप के स्टेटर तथा रोटर, दोनों को संयोजित करने के लिए, पोटैन्शियल ट्रांसफॉर्मर (PT) प्रयोग किए जाते हैं।

कार्यप्रणाली Working Method of Synchroscope

सिक्रोस्कोप Synchroscope के स्टेटर तथा रोटर को दो फेज लाइन (माना R, Y) से संयोजित कर दें।

  1. यदि इनकमिंग मशीन की घूर्णन गति, फ्रीक्वेन्सी अधिक है, तो यन्त्र का संकेतक उच्च (fast) की ओर घूम जाएगा। इनकमिंग मशीन के प्रडम मूवर से घूर्णन गति को कम करें।

  2. यदि इनकमिंग मशीन की घूर्णन गति, (फ्रीक्वेन्सी) कम है, तो यन्त्र का संकेतक निम्न (slow) की ओर घूम जाएगा। इनकमिंग मशीन के प्राइम-मृबर से घूर्णन गति को बढ़ाएं।

  3. जब रनिंग मशीन तथा इनकमिंग मशीन की फ्रीक्वेन्सी बिल्कुल बराबर हो जाएगी, तो रोटर से जुड़ा संकेतक ‘शून्य’ पर स्थिर हो आएगा। इस स्थिति में इनकमिग मशीन के ICTP स्विच को ‘ऑन’ कर दें तथा सिंक्रोस्कोप को ‘ऑफ’ कर दें।

Synchronization के बाद लोड शिफ्ट करना

जब इनकमिंग मशीन, रनिंग मशीन के साथ तुल्यकालिक हो जाती है, तो इनकमिंग मशीन के प्राइम मूवर की फ्यूल सप्लाई बढ़ाते हुए, रनिंग मशीन के प्राइम-मृवर की फ्यूल सप्लाई घटायी जाती है। इस प्रकार, इनकमिंग मशीन शक्ति उत्पन्न करने लगती है और लोड उठाने लगती है।

इसी समय, इनकमिंग मशीन का पावर फैक्टर घट जाता है जिसकी पूर्ति के लिए उसके फील्ड रेगुलेटर के द्वारा उसके फील्ड की उत्तेजना (excitation) बढ़ानी पड़ती है।

 पावर फैक्टर का मान इकाई हो जाता है तो इनकमिंग मशीन पूर्ण लोड उठा लेती है और इस समय पूर्व रनिंग मशीन को बन्द किया जा सकता है।

Alternator के प्रकार के बारे मे जानने के लिये यहा click करे

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