बिजली (Electricity) की खोज कोई एक दिन में नहीं हुई, और न ही किसी एक व्यक्ति ने अकेले की। यह विज्ञान के क्षेत्र में सैकड़ों वर्षों के प्रयोगों, खोजों और आविष्कारों का परिणाम है। नीचे आपको बिजली की खोज से जुड़ी मुख्य घटनाएं और वैज्ञानिकों की जानकारी दी जा रही है
प्राचीन यूनान के दार्शनिक थेल्स (Thales of Miletus) को बिजली से जुड़े शुरुआती ज्ञान का श्रेय दिया जाता है।
उन्होंने देखा कि एंबर (Amber) नामक पदार्थ को कपड़े या ऊन से रगड़ने पर वह
हल्की वस्तुओं (जैसे पंख, सूखे पत्ते) को अपनी ओर आकर्षित करने लगता है।यह घटना आज स्थैतिक विद्युत (Static Electricity) के नाम से जानी जाती है।
उस समय इसे वैज्ञानिक रूप से समझाया नहीं जा सका, लेकिन यह बिजली से जुड़ा पहला दर्ज अवलोकन माना जाता है।
महत्त्व : थेल्स की यह खोज आगे चलकर बिजली के वैज्ञानिक अध्ययन की नींव बनी।
🔹 मुख्य वैज्ञानिक जिन्होंने बिजली को विकसित किया:
विलियम गिल्बर्ट एक अंग्रेज़ वैज्ञानिक और चिकित्सक थे। उनका जन्म सन् 1544 में इंग्लैंड में हुआ था। उन्हें “विद्युत और चुम्बकत्व के जनक” (Father of Electricity and Magnetism) के रूप में जाना जाता है।
- उन्होंने बिजली या इलेक्ट्रिक डिवाइस का आविष्कार नहीं किया, लेकिन बिजली से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांतों की नींव रखी।
- उन्होंने यह सिद्ध किया कि विद्युत और चुम्बकीय बल प्राकृतिक शक्तियाँ हैं, और उन्होंने इन पर प्रयोग करके आगे के वैज्ञानिकों के लिए रास्ता खोला।
⚡ बिजली (Electricity) में योगदान:
- ✅ “Electricus” शब्द का प्रयोग:
विलियम गिल्बर्ट ने सबसे पहले 1600 ई. में “electricus” शब्द का उपयोग किया, जिसका अर्थ था – “ऐसा पदार्थ जो रगड़ने पर वस्तुओं को आकर्षित करता है”। इसी से बाद में “electricity” शब्द बना। - ✅ अंबर (Amber) और घर्षण:
उन्होंने देखा कि जब अंबर (एक प्रकार का राल/रेजिन) को ऊन से रगड़ा जाता है, तो वह हल्की वस्तुओं जैसे पत्तियां या कागज के टुकड़े को आकर्षित करता है। यह स्थैतिक विद्युत (Static Electricity) का पहला वैज्ञानिक रूप से प्रलेखित अध्ययन था। - ✅ पुस्तक – De Magnete (1600):
गिल्बर्ट ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “De Magnete” में यह सिद्ध किया कि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुम्बक है। उन्होंने इस पुस्तक में बिजली और चुम्बकत्व के गुणों का विस्तार से अध्ययन किया और उनके बीच संबंधों को समझने के लिए 600 से अधिक प्रयोग और टिप्पणियाँ प्रस्तुत कीं।
बेंजामिन फ्रैंकलिन (1706–1790) एक अमेरिकी वैज्ञानिक, लेखक, राजनयिक और आविष्कारक थे। उन्हें बिजली (Electricity) के क्षेत्र में उनके प्रसिद्ध प्रयोगों के लिए जाना जाता है।
📘 उन्होंने क्या सिद्ध किया?
- बिजली धारा (current) के रूप में बह सकती है।
- बिजली में धनात्मक (+) और ऋणात्मक (–) आवेश (charges) होते हैं।
- बिजली का व्यवहार प्रकृति में हर जगह एक जैसा होता है।
“बिजली एक प्राकृतिक शक्ति है, और वही शक्ति आसमान में बिजली गिरने के रूप में दिखाई देती है।”
⚡ बिजली में उनका योगदान:
1. 🔭 बिजली और आसमानी बिजली (बिजली की गड़गड़ाहट) के बीच संबंध:
बेंजामिन फ्रैंकलिन ने यह सिद्ध किया कि जो बिजली हम प्रयोगों में देखते हैं, वही बिजली आकाशीय बिजली (Lightning) में भी होती है। इससे पहले लोग मानते थे कि बिजली और आकाशीय बिजली अलग-अलग चीजें हैं।
2. प्रसिद्ध पतंग प्रयोग (Kite Experiment) – 1752:
- तूफानी मौसम में फ्रैंकलिन ने एक विशेष पतंग उड़ाई, जिसमें गीली रेशमी डोरी के साथ एक धातु की चाबी (key) भी बांधी गई थी, ताकि आकाशीय बिजली के प्रभावों का अध्ययन किया जा सके।
- जब बिजली कड़कती थी, तो उन्होंने कुंजी में चिंगारी (spark) देखी।
- इससे उन्होंने साबित किया कि आकाशीय बिजली और स्थैतिक बिजली एक ही प्रकृति की होती हैं।
3. 🛡️ लाइटनिंग रॉड (Lightning Rod) का आविष्कार:
फ्रैंकलिन ने लाइटनिंग रॉड (Lightning Rod) नामक एक उपकरण का आविष्कार किया, जिसे ऊँची इमारतों पर इस उद्देश्य से लगाया जाता है कि बिजली गिरने की स्थिति में वह बिजली को सुरक्षित रूप से भूमि तक पहुँचा सके और इमारत को क्षति से बचाया जा सके।
यह उनके विद्युत प्रयोगों का व्यावहारिक उपयोग था।
अलेसांद्रो वोल्टा (Alessandro Volta) एक महान इतालवी वैज्ञानिक थे। उनका जन्म 1745 में हुआ था और वे बिजली के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण खोज के लिए प्रसिद्ध हैं — पहली बैटरी (Battery) का आविष्कार 1800 ई.।
- वोल्टा ने सिद्ध किया कि रासायनिक प्रतिक्रिया से भी बिजली उत्पन्न की जा सकती है। यही सिद्धांत आज की बैटरियों का आधार है।
इसलिए उन्हें “बैटरी का आविष्कारक” और “आधुनिक विद्युत युग की शुरुआत करने वाला वैज्ञानिक” माना जाता है।
- वोल्टा के सम्मान में ही विद्युत विभव (Electric Potential) की इकाई का नाम “वोल्ट (Volt)” रखा गया है।
- उन्हें नेपोलियन बोनापार्ट ने भी सम्मानित किया था।
⚡ अलेसांद्रो वोल्टा का बिजली में योगदान:
- वोल्टा ने दुनिया की पहली विद्युत बैटरी बनाई, जिसे “वोल्टाइक पाइल” कहा जाता है।
- इसमें उन्होंने जिंक (Zinc) और कॉपर (Copper) की प्लेटों को नमक या तेजाब वाले कपड़े के टुकड़ों से अलग किया।
- जब इन प्लेटों को एक साथ जोड़ा गया, तो उन्होंने लगातार बिजली (Electric Current) पैदा की — यह स्थैतिक बिजली नहीं थी, बल्कि बहने वाली बिजली (Flowing Electricity) थी।
माइकल फैराडे (1791–1867) एक महान ब्रिटिश वैज्ञानिक थे, जिन्होंने बिजली और चुंबकत्व (Electromagnetism) के क्षेत्र में क्रांतिकारी खोजें कीं।
- उन्हें “आधुनिक विद्युत विज्ञान का जनक” (Father of Modern Electricity) कहा जाता है।
- उनके सम्मान में विद्युत क्षेत्र की इकाई का नाम फैराडे (Farad) रखा गया।
- माइकल फैराडे ने यह साबित किया कि चुंबक की मदद से बिजली उत्पन्न की जा सकती है।
उनकी खोजों की वजह से आज हम बिजली घर (Power Stations), मोटर, और ट्रांसफॉर्मर जैसी तकनीक का उपयोग कर पा रहे हैं।
इसलिए उन्हें सही मायनों में “बिजली को मानव जीवन में उपयोगी बनाने वाला वैज्ञानिक” कहा जाता है।
⚡ बिजली के क्षेत्र में फैराडे का योगदान:
1. ⚙️ विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic Induction) – 1831:
- फैराडे ने पाया कि जब चुंबक को किसी तार के पास हिलाया जाता है, तो उसमें बिजली उत्पन्न होती है।
- यही सिद्धांत विद्युत जनरेटर (Electric Generator) और ट्रांसफॉर्मर की नींव बना।
2. 🔄 जनरेटर (Generator) का आविष्कार:
- उन्होंने पहला इलेक्ट्रिक जनरेटर बनाया जिसे फैराडे डिस्क कहा जाता है।
- यह एक ऐसा यंत्र था जो चुंबकीय बल से बिजली पैदा करता था।
3. 🔌 बिजली को प्रयोग में लाने योग्य बनाया:
- फैराडे की खोजों के कारण ही हम आज बिजली का उत्पादन, ट्रांसफर और उपयोग कर पा रहे हैं।
4. 🧲 फैराडे का नियम (Faraday's Law):
उन्होंने विद्युत चुंबकीय प्रेरण का नियम बनाया, जिसे आज भी भौतिकी और इंजीनियरिंग में पढ़ाया जाता है।
थॉमस अल्वा एडिसन (Thomas Alva Edison) एक महान अमेरिकी आविष्कारक और उद्यमी थे, जिनका जन्म 1847 में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में 1000 से अधिक आविष्कारों का पेटेंट कराया और विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान दिया।
- इन्हें आमतौर पर “बिजली का बल्ब (Electric Bulb) बनाने वाले वैज्ञानिक” के रूप में जाना जाता है।
- थॉमस एडिसन का नाम आज भी व्यावहारिक आविष्कारों के प्रतीक के रूप में लिया जाता है।
- उन्होंने बिजली को केवल प्रयोगशाला से निकालकर हर घर तक पहुँचाने का काम किया।
⚡ बिजली के क्षेत्र में एडिसन का योगदान:
1. 💡 विद्युत बल्ब (Electric Light Bulb) – 1879:
- एडिसन ने पहला व्यावसायिक रूप से उपयोगी और लंबे समय तक जलने वाला बिजली का बल्ब तैयार किया।
- इससे पहले बल्ब बनाए गए थे, लेकिन वे जल्दी खराब हो जाते थे।
- एडिसन ने कार्बन फिलामेंट (Carbon Filament) का उपयोग करके एक ऐसा बिजली का बल्ब विकसित किया, जो लगातार कई घंटों तक जल सकता था और व्यावहारिक उपयोग के लिए उपयुक्त था।
2. 🏙️ बिजली आपूर्ति प्रणाली (Electric Power System):
- उन्होंने 1882 में पहली बार सार्वजनिक विद्युत आपूर्ति (Electricity Distribution System) शुरू की — न्यूयॉर्क शहर में।
- इसका मतलब था कि अब बिजली घरों और दुकानों तक पहुंचने लगी।
3. ⚙️ DC करंट (Direct Current) का प्रचार:
- एडिसन ने DC (डायरेक्ट करंट) प्रणाली का समर्थन किया, जिससे बिजली सीधे एक दिशा में बहती है।
- हालांकि बाद में निकोला टेस्ला और वेस्टिंगहाउस ने AC (अल्टरनेटिंग करंट) को बढ़ावा दिया, जो आज ज्यादा उपयोग में है।
निकोला टेस्ला (Nikola Tesla) एक महान सर्बियाई-अमेरिकी वैज्ञानिक, विद्युत अभियंता और आविष्कारक थे। उनका जन्म 10 जुलाई 1856 को हुआ था।
- उन्हें आधुनिक AC (Alternating Current) विद्युत प्रणाली का जनक और विद्युत क्षेत्र के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक माना जाता है।
- टेस्ला का नाम बिजली की इकाई “Tesla” (T) में immortal हो गया है – यह चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की इकाई है।
- निकोला टेस्ला ने AC बिजली प्रणाली विकसित की, जिससे आज पूरी दुनिया में घर, उद्योग, स्कूल, अस्पताल – सब बिजली से चल रहे हैं।
उन्होंने भविष्य की कई तकनीकों की कल्पना बहुत पहले ही कर ली थी।
इसलिए उन्हें “आधुनिक बिजली और वायरलेस तकनीक के असली हीरो” कहा जाता है।
⚡ बिजली के क्षेत्र में टेस्ला का योगदान:
1. 🔄 AC करंट (Alternating Current) प्रणाली का विकास:
- टेस्ला ने AC (अल्टरनेटिंग करंट) बिजली प्रणाली को विकसित और लोकप्रिय बनाया, जो आज पूरी दुनिया में उपयोग की जाती है।
- AC करंट को लंबी दूरी तक आसानी से और कम नुकसान के साथ भेजा जा सकता है।
2. ⚙️ AC मोटर और ट्रांसफॉर्मर का आविष्कार:
- टेस्ला ने इंडक्शन मोटर (Induction Motor) और ट्रांसफॉर्मर बनाए, जिनका उपयोग आज हर फैक्ट्री, पंखे, वॉशिंग मशीन, और मेट्रो ट्रेनों में होता है।
3. ⚡ "करंट की जंग" (War of Currents):
- टेस्ला और वेस्टिंगहाउस ने मिलकर AC सिस्टम का प्रचार किया, जबकि थॉमस एडिसन DC सिस्टम के पक्ष में थे।
- अंततः AC प्रणाली जीत गई, क्योंकि यह ज्यादा सुरक्षित, सस्ती और लंबी दूरी तक उपयोगी थी।
4. 📡 Wireless Electricity और रेडियो का विचार:
- टेस्ला ने बिना तार के बिजली भेजने (Wireless Power Transmission) पर भी काम किया।
- उन्होंने रिमोट कंट्रोल, रेडियो तरंगें, और टेस्ला कॉइल जैसी खोजें भी कीं, जो आगे चलकर वायरलेस तकनीक की नींव बनीं।
🧠 निष्कर्ष (Conclusion):
- बिजली किसी एक व्यक्ति की खोज नहीं है, बल्कि यह सदियों के वैज्ञानिक प्रयासों का परिणाम है।
- बिजली को उत्पन्न करने की तकनीक विकसित करने के कारण माइकल फैराडे को “बिजली का जनक (Father of Electricity)” कहा जाता है।



